डबल चिन को लेकर जो चिंता धीरे-धीरे बढ़ रही थी, उसी वजह से मैंने कंसल्टेशन बुक किया। शुरुआत से ही स्टाफ ने हर बात को बड़े ही सौम्य तरीके से समझाया, जिससे माहौल ज्यादा सहज लगा।
कंसल्टेशन के दौरान डॉक्टर ने गालों के हिस्से को भी साथ में देखने का सुझाव दिया था, लेकिन उस समय मैंने आगे नहीं बढ़ने का फैसला किया। अब पीछे मुड़कर देखने पर कभी-कभी लगता है कि शायद उस विकल्प पर भी विचार किया जा सकता था।
प्रक्रिया के बाद भी क्लिनिक का वातावरण आरामदायक बना रहा। रिसेप्शन पर मौजूद स्टाफ का व्यवहार भी लगातार अच्छा था, और ऐसे छोटे-छोटे पहलू याद रह जाते हैं। आसपास के लोग कहते हैं कि इन दिनों चेहरा हल्का लग रहा है, जिसे मैं खुद संतुलित महसूस होने के तौर पर देखती हूँ।
किसी स्पष्ट निशान को लेकर मुझे खास चिंता नहीं हुई, और अब मैं धीरे-धीरे मौजूदा स्थिति के साथ सहज हो रही हूँ। पूरी प्रक्रिया मिलाकर यह अनुभव मेरे लिए शांत और संभालने योग्य रहा।