मुझे अपनी बाहों के मोटेपन को लेकर हमेशा ही शर्मिंदगी महसूस होती थी, इसलिए यह मेरे लिए एक कॉम्प्लेक्स बना रहा, जिसके चलते मैंने सर्जरी करवाने का फैसला किया। परामर्श का अनुभव बहुत ही सहज रहा, निदेशक, प्रबंधक और स्टाफ ने बिना किसी दबाव के मेरी बात को सहजता से सुना। सर्जरी के बाद रिकवरी उम्मीद से कहीं ज्यादा तेजी से हुई, इसलिए मुझे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में कोई बड़ी परेशानी नहीं हुई है। अब लगभग छह महीने हो चुके हैं, और सबसे बड़ा फर्क जो मुझे महसूस होता है वह यह है कि कपड़े पहनने पर मेरी बाहों की रेखाएं पहले की तरह उभरकर नहीं दिखतीं। सूजन और नील के निशान भी कम हो गए हैं, इसलिए अब बाजू की बनावट प्राकृतिक लगती है, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब मुझे अपनी बाहों को लेकर पहले से कम शर्मिंदगी महसूस होती है। मैं फिलहाल व्यायाम करके इस स्थिति को बनाए रखने की कोशिश कर रही हूं। 😊