सबसे पहले जो महसूस हुआ, वह यह था कि सुबह उठते समय शरीर थोड़ा हल्का लग रहा था। इन दिनों सोने के बाद भी थकान नहीं जाती थी, हालत भी अच्छी नहीं थी और चेहरा भी थोड़ा फीका लग रहा था, इसलिए लगा कि सिर्फ ऊपर से देखभाल करना काफी नहीं है, और फिर जानकारी लेकर यहाँ आने का फैसला किया।
यहाँ आने का कारण यह था कि यह सिर्फ इंजेक्शन देने जैसा नहीं लगा, बल्कि पूरे शरीर की कंडीशन पर ध्यान देने की बात थी। कंसल्टेशन के बाद समझ आया कि लोग ऐसा क्यों कहते हैं। उन्होंने मेरी दिनचर्या के बारे में विस्तार से पूछा और चेहरे की संरचना व त्वचा की स्थिति को समझाते हुए आवश्यक मात्रा भी बताई, जो काफी डिटेल लगा।
संभावित सूजन या निशान के बारे में भी साफ बताया, जिससे भरोसा और बढ़ा।
ट्रीटमेंट के बाद त्वचा में थोड़ा बदलाव महसूस हुआ, और शायद IV की वजह से अंदर से हल्की चमक भी महसूस हुई। कुल मिलाकर यह सिर्फ स्किन केयर जैसा नहीं लगा, बल्कि शरीर के संतुलन को भी ठीक करने जैसा लगा, इसलिए इसे नियमित रूप से जारी रखने का मन है।