सर्जरी को हुए अभी सिर्फ एक दिन ही हुआ था, लेकिन मुझे सूजन या नील के निशान ज़्यादा महसूस नहीं हो रहे थे, हालांकि अस्पताल ने बताया कि थोड़ी सूजन है। उस हालत में भी, मुझे लग रहा था कि मेरी बांह पहले से ज़्यादा सुडौल हो रही है, इसलिए मुझे लगता है कि मैंने तभी से फर्क महसूस करना शुरू कर दिया था। समय बीतने के साथ-साथ यह और भी निखरती जा रही है, इसलिए मैं धीरे-धीरे अपने रोज़मर्रा के कामों में ज़्यादा सहज महसूस कर रही हूँ। मेरे आस-पास के लोगों ने भी इस बात का ज़िक्र किया है, इसलिए मुझे तब भी यह महसूस होता है, लेकिन अभी सबसे बड़ा फर्क जो मुझे महसूस हो रहा है, वह यह है कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी में मुझे जो लगातार आत्म-चेतना महसूस होती थी, वह कम हो गई है। 😊